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मिसाइलों से दहला एयरपोर्ट, फिर आई 'धरती हिलाने' की धमकी! क्या पश्चिम एशिया में शुरू होने वाला है नया महायुद्ध?

 


पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव तेज हो गया है। यमन की राजधानी सना स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद क्षेत्रीय हालात अचानक बदलते नजर आ रहे हैं। हूती आंदोलन ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब ने सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जबकि यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का कहना है कि रनवे पर हमला इसलिए किया गया ताकि ईरान से आने वाला एक विमान वहां उतर न सके। सऊदी अरब ने इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की है।

घटना के बाद हूती नेतृत्व ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे उस संघर्ष के फिर से भड़कने की आशंका बढ़ गई है, जो पिछले कुछ वर्षों से अपेक्षाकृत शांत था।

क्या हुआ सना एयरपोर्ट पर?

यमन सरकार के अनुसार, ईरान का एक विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर सना एयरपोर्ट पहुंचने वाला था। सरकार का आरोप है कि यह उड़ान यमन की संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए संचालित की जा रही थी। इसी कारण एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया गया ताकि विमान वहां उतर न सके।

यमन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कार्रवाई से पहले एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र को खाली करने की चेतावनी भी जारी की गई थी ताकि नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।

हूतियों का आरोप—सऊदी अरब ने किया हमला

दूसरी ओर हूती आंदोलन का दावा है कि सना एयरपोर्ट पर हवाई हमला सऊदी अरब ने किया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे "स्पष्ट आक्रामकता" बताते हुए कहा कि इससे पिछले वर्षों से जारी तनाव कम करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है और इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।

हालांकि सऊदी अरब की ओर से इन आरोपों की पुष्टि या खंडन करते हुए कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

ईरानी विमान को बदलना पड़ा रास्ता

हमले के बाद जिस ईरानी विमान के सना में उतरने की बात कही जा रही थी, वह वहां नहीं उतर सका। रिपोर्टों के अनुसार बाद में उस विमान को हूती नियंत्रण वाले होदेइदा (अल-हुदैदाह) एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

यमन सरकार का कहना है कि यह विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर लौट रहा था, जबकि हूती पक्ष ने इस पर अलग रुख अपनाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट के रनवे पर हुए विस्फोटों के कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में रनवे के आसपास धुआं उठता और विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई देती हैं।

हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल सभी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए किसी भी वीडियो को अंतिम प्रमाण मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

हूतियों ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

हमले के बाद हूती नेतृत्व ने कहा कि यह कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी। हूती सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो वे अपनी क्षमता के अनुसार जवाब देंगे।

इसके कुछ समय बाद हूती बलों ने सऊदी अरब की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा भी किया। दूसरी ओर सऊदी पक्ष ने कहा कि अधिकांश हमलों को रोक दिया गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।

यमन सरकार ने बंद किए सभी हवाई अड्डे

घटना के बाद यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने देश के सभी हवाई अड्डों को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा कर दी।

सरकार का कहना है कि वह किसी भी विमान को देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं देगी और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

शांति प्रक्रिया पर संकट

वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष में काफी कमी आई थी। हालांकि औपचारिक शांति समझौता नहीं हुआ था, लेकिन सीमा पार हमलों में उल्लेखनीय गिरावट आई थी।

विश्लेषकों का मानना है कि सना एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई और उसके बाद हुई प्रतिक्रियाओं ने इस अपेक्षाकृत शांत दौर को गंभीर चुनौती दी है।

ईरान की भूमिका पर फिर बढ़ी चर्चा

हूती आंदोलन को लंबे समय से ईरान का राजनीतिक और सैन्य समर्थन मिलने के आरोप लगते रहे हैं। ईरान इन आरोपों से कई बार इनकार करता रहा है, जबकि यमन सरकार और कई पश्चिमी देश दावा करते हैं कि हूती आंदोलन को ईरान से सहायता मिलती है।

इसी कारण सना एयरपोर्ट पर ईरानी विमान को लेकर पैदा हुआ विवाद केवल यमन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे व्यापक क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर

यदि सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर केवल यमन तक सीमित नहीं रहेगा।

सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में शामिल है। अतीत में हूती समूह सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुका है। यदि ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्ग पहले से ही तनाव के केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में नए सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता

संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ता है तो यह पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और स्थिरता पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

कूटनीतिक विशेषज्ञ सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की स्थिति न बने।

सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले ने पश्चिम एशिया में लंबे समय से बनी नाजुक शांति को बड़ा झटका दिया है। जहां यमन सरकार का कहना है कि रनवे को ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने के लिए निशाना बनाया गया, वहीं हूती आंदोलन इसे सऊदी अरब की आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमले की चेतावनी दे रहा है। दोनों पक्षों के दावों और जवाबी बयानों के बीच क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कूटनीतिक प्रयास हालात को शांत कर पाते हैं या पश्चिम एशिया एक नए बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता है।

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